Hi all,
Yesterday there was a lecture on topic "मजाक करना मजाक नही " in our BARC. Here I have written few lines in this context.
मजाक करना आसान नही होता,
होठो पे हँसी है तो क्या हुआ ,
दिल अपने दर्द से अनजान नही होता,
मिल गए होते गर तुम पहले,
दिल दर्द से यू बेजान नही होता,
इन्शानियत न बचती इस जहाँ में कहीं पर ,
गर इंसान पल भर का यहाँ मेहमान नही होता,
दूसरो को मुस्कराते देख खुशी होती है इस दिल को,
वरना किसी के मुस्कराने से किसी पे एहसान नही होता,
बाँटता गर हर कोई अपनी थोडी सी खुशी,
दुनिया में फिर कोई दर्द से परेशान नही होता।
-------------------ललित कुमार पटेल १७/०७/08
1 comment:
It is really very impressive.You can do best.
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