Hi
This post is for Sushma only . Anyone else please read it at your own risk.
This is not written by me.
मिलेगे अहबाब से तुफैल की बदीद से तर जाऊँगा,
उम्र की कैद से छूटूगा तो घर जाऊँगा,
जिन्दगी बीत गई तेरी महफिल में पर ये समझ ना आया,
तेरी महफिल से ऊँठूगा तो किधर जाऊँगा,
जाने क्यो इस बात का दिल को यकीन है मेरे ,
एक नजर तेरी पड़ी तो सँवर जाऊँगा,
तश्गनी धूप की शिद्त की गर हद से आगे बढ़ी ,
तेरी आँखों की समंदर में उतर जाँऊगा.
---------- writer तुफैल
------------ ललित पटेल
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