कैसे करे कोई शिकवा,
कैसे कोई गिला करे,
उसे नही फुरसत फ़ोन करने की,
कैसे कँहू कि रोज वो मुझसे मिला करे ,
मेरी तो जैसे तैसे कट ही जाएगी,
भगवान उसका भला करे।
Here you can read short poems expressing my personal feelings about this material world.
Monday, December 7, 2009
Wednesday, March 11, 2009
चाहत
Hi all , welcome back
ना जाने तुमसे मेरी कैसी चाहत है,
कि तुम्हारे ख्यालो से भी दिल को एक राहत है,
तुम दूर हो बहुत ये मुझे है पता,
पर बेखबर दिल को तुम्हारे पास होने की आहट है,
भरी दुपहरी में भी होता है ठंडक का एहसास,
बेसक ये तुम्हारे मोहब्बत की ही इनायत है,
तुम दूर होके भी हो दिल के इतने पास,
शायद इसीलिए दिल को तुमसे नही कोई शिकायत है।
.............................................ललित कुमार पटेल १२/०३/०९
ना जाने तुमसे मेरी कैसी चाहत है,
कि तुम्हारे ख्यालो से भी दिल को एक राहत है,
तुम दूर हो बहुत ये मुझे है पता,
पर बेखबर दिल को तुम्हारे पास होने की आहट है,
भरी दुपहरी में भी होता है ठंडक का एहसास,
बेसक ये तुम्हारे मोहब्बत की ही इनायत है,
तुम दूर होके भी हो दिल के इतने पास,
शायद इसीलिए दिल को तुमसे नही कोई शिकायत है।
.............................................ललित कुमार पटेल १२/०३/०९
Tuesday, January 20, 2009
हसरत
आप के दिल में मुझसे मिलने की बड़ी हसरत होगी,
पर न जाने कब हमे इन कामो से फुरसत होगी,
आज कल में गुजर जाए न जिंदगी सारी,
क्या मिलेगा हमे जब जान जिस्म से रुखसत होगी।
पर न जाने कब हमे इन कामो से फुरसत होगी,
आज कल में गुजर जाए न जिंदगी सारी,
क्या मिलेगा हमे जब जान जिस्म से रुखसत होगी।
Monday, January 5, 2009
नव वर्ष मंगलमय हो
Hi all, Happy new year to everybody. May this year fulfill all your dreams.....
Here are few lines in this regard.
नया वर्ष आया नई उमंगें, नई आशाये साथ है लाया,
स्वागत करे हम सब मिलकर इसका आज सहर्ष ,
क्या खोया क्या पाया हमने गत वर्षो में,
पाये इसका विष्लेषण हम कर विचार विमर्श,
हो उन्नति चहु दिशा में अपनी औ अपने देश की,
खोजे अपना मार्ग सत्य वह कुछ निकाल निष्कर्ष,
अपनी कमियाँ , दोष सभी ढूढं निकाले हम,
रख अपने पूर्वजो का उज्जवल आदर्श,
अपने पथ की सभी रूकावटे करे दूर हम,
मेहनत , प्रेम एवं भाईचारे से करे हम सब स्व उत्कर्ष,
जिससे फिर विकासशील से बने विकसित ,
हमारा प्यारा भारतवर्ष।
..............................ललित कुमार पटेल ०५/०१/०९
Here are few lines in this regard.
नया वर्ष आया नई उमंगें, नई आशाये साथ है लाया,
स्वागत करे हम सब मिलकर इसका आज सहर्ष ,
क्या खोया क्या पाया हमने गत वर्षो में,
पाये इसका विष्लेषण हम कर विचार विमर्श,
हो उन्नति चहु दिशा में अपनी औ अपने देश की,
खोजे अपना मार्ग सत्य वह कुछ निकाल निष्कर्ष,
अपनी कमियाँ , दोष सभी ढूढं निकाले हम,
रख अपने पूर्वजो का उज्जवल आदर्श,
अपने पथ की सभी रूकावटे करे दूर हम,
मेहनत , प्रेम एवं भाईचारे से करे हम सब स्व उत्कर्ष,
जिससे फिर विकासशील से बने विकसित ,
हमारा प्यारा भारतवर्ष।
..............................ललित कुमार पटेल ०५/०१/०९
Subscribe to:
Posts (Atom)