Hi all back again. Here are few lines.....
मै तो हूँ तेरी हर एक बात का मुरीद ,
तेरा प्यार ही नही तेरी नफरते भी सही,
जिन्दा हूँ बस एक तेरे ही सहारे,
तू नही तो तुझसे मिलने की हसरते ही सही,
ख्वायिश है तू रहे मेरे सामने हरदम,
तेरी ना सही ये मेरी जरूरते ही सही।
......................ललित कुमार पटेल २९/०९/०९
Here you can read short poems expressing my personal feelings about this material world.
Saturday, September 27, 2008
Friday, September 12, 2008
तोंद
Hi ... back again For the last few week i am very anxious about my bulging out stomach. Here are few lines in this regard...
देखकर अपनी बढ़ी हुई तोद,
मन में आया ये ख्याल ,
जैसे कद्दू गया हो चिपकाया लगाकर गोद,
सोचा था की body बनाऊगा ,
पर इस तोद ने दिया सारे अरमानो को रौद ....
...............******...................
.......................ललित कुमार पटेल १३/०९/०८
देखकर अपनी बढ़ी हुई तोद,
मन में आया ये ख्याल ,
जैसे कद्दू गया हो चिपकाया लगाकर गोद,
सोचा था की body बनाऊगा ,
पर इस तोद ने दिया सारे अरमानो को रौद ....
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.......................ललित कुमार पटेल १३/०९/०८
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