It is raining out there. I am sitting in my office looking outside through window. I wish I would have been playing amid this rain shower.
आया सावन,
सबका मन भावन,
चारो ओर है फैली हरियाली,
झूम रहा हर पत्ता पत्ता , डाली डाली,
देखो नाच रहा है मोर,
दादुर मचा रहे है शोर,
बादल चाचा जाग गए,
सूरज दादा भाग गए,
धीमे धीमे है पड़ रही फुहार,
चहू ओर फैली खुशियाँ अपार।
------------------ललित कुमार पटेल २५/०७/08
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