Monday, June 4, 2012

होली आई रे

Hi all,
Wishing all of you a very Happy Holi... Here are few lines in this regards.

रंग रंगीली मनभावन आई फिर से होली रे ,
लाल हुआ फिर अम्बर गुलाल से,
आसमान ने मानो आज हो रंग की पोटली खोली रे ,
आओ पिंकी , पप्पू, बबलू आओ,
आओ खेले रंग मिलकर सारे हमजोली रे ,
झूम रहे है लोग सभी खाके के भंग के गोली रे,


Monday, December 7, 2009

गिला

कैसे करे कोई शिकवा,
कैसे कोई गिला करे,
उसे नही फुरसत फ़ोन करने की,
कैसे कँहू कि रोज वो मुझसे मिला करे ,
मेरी तो जैसे तैसे कट ही जाएगी,
भगवान उसका भला करे।

Wednesday, March 11, 2009

चाहत

Hi all , welcome back

ना जाने तुमसे मेरी कैसी चाहत है,
कि तुम्हारे ख्यालो से भी दिल को एक राहत है,
तुम दूर हो बहुत ये मुझे है पता,
पर बेखबर दिल को तुम्हारे पास होने की आहट है,
भरी दुपहरी में भी होता है ठंडक का एहसास,
बेसक ये तुम्हारे मोहब्बत की ही इनायत है,
तुम दूर होके भी हो दिल के इतने पास,
शायद इसीलिए दिल को तुमसे नही कोई शिकायत है।

.............................................ललित कुमार पटेल १२/०३/०९

Tuesday, January 20, 2009

हसरत

आप के दिल में मुझसे मिलने की बड़ी हसरत होगी,
पर न जाने कब हमे इन कामो से फुरसत होगी,
आज कल में गुजर जाए न जिंदगी सारी,
क्या मिलेगा हमे जब जान जिस्म से रुखसत होगी

Monday, January 5, 2009

नव वर्ष मंगलमय हो

Hi all, Happy new year to everybody. May this year fulfill all your dreams.....
Here are few lines in this regard.

नया वर्ष आया नई उमंगें, नई आशाये साथ है लाया,
स्वागत करे हम सब मिलकर इसका आज सहर्ष ,
क्या खोया क्या पाया हमने गत वर्षो में,
पाये इसका विष्लेषण हम कर विचार विमर्श,
हो उन्नति चहु दिशा में अपनी औ अपने देश की,
खोजे अपना मार्ग सत्य वह कुछ निकाल निष्कर्ष,
अपनी कमियाँ , दोष सभी ढूढं निकाले हम,
रख अपने पूर्वजो का उज्जवल आदर्श,
अपने पथ की सभी रूकावटे करे दूर हम,
मेहनत , प्रेम एवं भाईचारे से करे हम सब स्व उत्कर्ष,
जिससे फिर विकासशील से बने विकसित ,
हमारा प्यारा भारतवर्ष।



..............................ललित कुमार पटेल ०५/०१/०९

Tuesday, December 16, 2008

जब से मुझे प्यार हुआ है

Hi all , Back again now a days I am thinking alot about my life and offcourse about Sushi.

डूबा रहता हूँ सदा तेरे ख्यालो मे,
जबसे मुझे तुमसे प्यार हुआ है,
आँखे है तेरी एक झलक को प्यासी,
जबसे मुझको तेरा इंतजार हुआ है,
नीद गायब है उस दिन से मेरी आँखों से,
जिस दिन से मुझे तेरा दीदार हुआ है,
खुदा की बन्दगी छोड़ बैठा हूँ,
जबसे तुझपे एतबार हुआ है,
सुनना चाहता हूँ बस तेरी ही बातें,
जबसे मुझे इकरार हुआ है,
कुछ खो दिया है मैंने शायद ,
जबसे ये दिल तुझपे निसार हुआ है ,
तुम हो मेरे और सिर्फ़ मेरे ,
इस बात का दिल को यकीं बार बार हुआ है.


-----------------ललित कुमार पटेल १७/१२/०८

Friday, December 12, 2008

M. Tech का चक्कर

Hi all, Nowadays I am busy in preparing my M. Tech project report. It has been about one and half year since my project started. Here are few lines in this regards....

जाने कहाँ मेरी किस्मत फूटी ,
मिल गई मुश्किलो की लड़ी,
कोसता हूँ उस घड़ी को रात दिन,
जिस घडी पड़ी M.Tech की हथकडी,
हुई है साँप छूछन्दर की हालत,
लगती है ये कोई आफत बड़ी,
ये पूरा होने का नाम नही लेती,
मानो हो ये बीरबल की खिचडी,
लगता है नही है ये इंशा की बस की,
इसके लिए चहिए कोई जादू की छड़ी।



................................ललित कुमार पटेल १२/१२/०८