Friday, December 12, 2008

M. Tech का चक्कर

Hi all, Nowadays I am busy in preparing my M. Tech project report. It has been about one and half year since my project started. Here are few lines in this regards....

जाने कहाँ मेरी किस्मत फूटी ,
मिल गई मुश्किलो की लड़ी,
कोसता हूँ उस घड़ी को रात दिन,
जिस घडी पड़ी M.Tech की हथकडी,
हुई है साँप छूछन्दर की हालत,
लगती है ये कोई आफत बड़ी,
ये पूरा होने का नाम नही लेती,
मानो हो ये बीरबल की खिचडी,
लगता है नही है ये इंशा की बस की,
इसके लिए चहिए कोई जादू की छड़ी।



................................ललित कुमार पटेल १२/१२/०८

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