Sunday, June 29, 2008

ये किताबें

ये किताबें हमेशा कुछ देती ,
नही कुछ लेती ,
हमारे संस्कारो को सेती ,
हमारे विचारो को बनाती ,
हमारे चरित्र को सवांरती ,
ये किताबें , जिनमे संचित है ज्ञान के भंडार ,
जो है प्रकृति का मानव को सर्वश्रेठ उपहार ,
जिनमे रचित है हमारे पूर्वज़ो के उद्गगार ,
ये किताबें जो है छल कपट से दूर ,
है ये इस सभ्यता का नूर ,
ये किताबें , है हमारा सर्वश्रेठ धन ,
करो इनको अपना नमन अर्पण.


........... ललित कुमार पटेल ३०/०६/08

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